सोमवार, 28 सितंबर 2020

अल्फाज़ 3

 











हमें लगा की आप हमें 

जानते, पहचानते, समझते हो 

लेकिन महसूस किया तो अफ़सोस रहेगा 

हमीं आपको नहीं समझ पाए !!

शायद हम भी अब वफा ना कर पाए किसी से ,

आप जो इस तरह हमें ठुकरा गए !! 

अल्फाज़ 2












ए काश की तुने मुझे गुस्सा ही दिलाया होता, 

चिल्ला के, रोके, नाराज़ होके  उतर ही जाता ! 

लेकिन तुने तो मुझे ही अंदर से तोड़ दिया,

क्योंकि तूने अपना रास्ता कहीं ओर मोड़ लिया ,

ए मेरे खुदा अब तू ही बता की खुद को कैसे समझाऊँ,

 की उसका  खुमार ही मेरे दिल से उतर  जाता !! 


शुक्रवार, 25 सितंबर 2020

अल्फाज़ 1




किसी के माथे पे लगे कलंक पर

 इतना भी मत हँसिये ज़नाब !

 कभी - कभी वो खुद के कारन नहीं 

हालातों के वजह से भी लग जाते हैं !!


कम्बख्त चाहता खुद कौन है , 

बेज्जत होना ,

 कितनी बार तो खुद को ही खुद की 

नजर लग जाती है !!




रविवार, 23 अगस्त 2020

जो ठान लो वो पा लो













अकसर जब भी हमें कुछ नया करना होता है इसके लिए पहले हम अपनी योजना बनाते हैं और फिर हम अपने योजना के  अनुसार उस काम को पूरा करने की कोशिश करते हैं हम उसमें असफल रहते हैं फिर हम दुबारा उसी काम को करते हैं फिर असफल हो जाते हैं इसी तरह करते - करते हमें समझ आ जाता है की आखिर हमसे कहाँ गलतियां हो रही है जिसे अनुभव कहते हैं,  फिर उन गलतियों को ध्यान में रखते हुए उसी काम को करते हैं अबकी वो काम हमारा पूरा ठीक ना हो पाया लेकिन पहले की अपेक्षा बेहतर होता जाता है हम उस काम को करते रहते हैं और वो काम हमारा पहले की अपेक्षा और बेहतर होता जाता है और उसी काम को हम तब तक करते हैं  जब तक वो काम ठीक से पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता और जब तक हमें उसमे सफलता नहीं मिल जाती फिर वही काम हमारे लिए बड़ा ही सरल और आसान बन जाता है। ..... और हम उस काम में सफल बन जाते हैं अब उस काम में हमसे गलती कम होती है उस काम को हम अपने  अभ्यास के द्वारा इतना सरल बना देते है कि हमें खुद को विश्वास दिलाना पड़ता है की ये वही काम है जिसको करने में इतनी मुश्किलों और असफलताओं का सामना करना पड़ा था !

लेकिन इसके लिए हमें खुद पे काम करना होगा खुद सीखना होगा अपनी सीखनी की आदत को बढ़ाना होगा अगर किसी काम को करने के लिए हमें दिक्क्तें आ रही है तो  स्किल को बढ़ाना होगा और मन में ढृढ़ निश्चय करना होगा की इस काम को पूरा करना है,  ये नहीं की असफलताओं और मेहनत के डर से उस काम को छोड़ दें सफलता पाने के लिए पहले असफल होना पड़ेगा ये नहीं की उस काम को बीच में ही छोड़ दें, हमें सफलता तभी मिलेगी जब हम उस काम में असफल होंगे गलती करेंगे और अपनी उन गलतियों से सीखेंगे अनुभव लेंगे तभी मिलेगी सफलता, जो ठान लो वो कर लो चाहे कितनी भी दिकत्तों का सामना करना पड़े और  उस काम को करते  रहो करते रहो जब तक उसमें सफलता न मिले  !!  

मंगलवार, 14 जुलाई 2020

आपसी टकरार को कहें बाय - बाय














आपसी रिश्तों की साझेदारी, समझदारी, परवाह ही रिश्तों में मिठास और प्यार को बढ़ाते हैं, फिर भी हम कितनी बार अपने उन्ही रिश्तों को ठेस पहुंचते हैं वो भी छोटी - छोटी बातों में जिनको हम हँस के मुस्कुराके टाल सकते हैं ! हम उन बातों को फालतू में खींचते रहते हैं उनको बढ़ाते रहते हैं जिनकी कोई आवश्यकता नहीं होती ! कितनी बार तो इस बात पे  बहस  होती है की दाल में टमाटर क्यों डाला तो धनिया पत्ता क्यों नहीं डाला और तो और ये बातें इतनी आगे बढ़ जाती है की रिश्तों में दरारें आने लगती है ! सबसे ज्यादा तो रिश्ते तब ख़राब होते हैं जब कोई दूसरा उसमें अपनी बात बोलने लगता है या फिर दखल देने लगते हैं !
हमें अपने जीवन में किसका महत्त्व ज्यादा है उसको देखना पड़ेगा किसी तीसरे के कारन हमें अपने रिश्तों को नहीं खोना चाहिए और नाहीं किसी बुरी बातों को महत्त्व देना चाहिए जो हो गया सो हो गया उसने बोला मैनें बोला ठीक है अब आगे से नहीं बोलेंगे अपने रिश्तों को महत्त्व देंगे किसी तीसरे को आने ही नहीं देना चाहिए अगर सामने वाला सही है उसने बस छोटी से गलती की है उसका बखेड़ा बनाके क्यों खुद एक- दूसरे को तकलीफ देना किसी तीसरे के कारण लड़ाई हुई है वो तो चाहता ही यही था !
सबसे पहले तो ये सोचना होगा की रिश्तों के लिए वास्तव में जरुरी क्या है उसको ऐसी क्या चीज़ है जिसके कारन हम आपस में क्यों जुड़े हैं  ऐसी क्या - क्या चीजें हैं जो हम एक - दूसरे के साथ पूरी जिंदगी निभा सकते हैं ! बाक़ी तो छोटी - छोटी बातें हैं, या जो भी आदतें हैं वो बदली जा सकती है लेकिन उन छोटी - छोटी बातों के लिए हम वास्तव में हमारे रिश्ते के लिए क्या जरुरी है उसको भूल जाते हैं और फालतू में लड़ाई करने लग जाते हैं जो की नहीं करने चाहिए, बस सारा का सारा झगड़ा ही ख़तम !

अपने रिश्तों को महत्त्व देना चाहिए जो हमारी जिंदगी में अहमियत रखते हैं ना की उस चीज़ को जिसके कारण रिश्ता टूटने की नौबत आए ! समझौता नहीं जिंदगी को अच्छे से जियो......क्यूंकि सही ही कहा गया है जिंदगी ना मिलेगी दोबारा अब इसको कैसे जीना है ये निर्णय हमारे ही ऊपर  है ! 










रविवार, 12 जुलाई 2020

हर बात पर गुस्सा ना हों













क्यों हम या कोई और किसी भी बात पर टिप्पणी देने लगते हैं , बातों और चीज़ों को बिना सोचे समझे दूसरे पर चिल्लाने लगते हैं उनसे लड़ने लगते हैं एक पल के लिए ये भी नहीं सोचते की मुद्दा क्या है क्या बात इतनी बड़ी है की इस स्तर तक लड़ाई हो या नहीं ! कितनी बार तो ऐसा होता है की बात बहुत छोटी होती है और उस पर हम लड़ने लग जाते हैं भले ही सामने वाली की उसमें कोई गलती ना हो उसने वो गलती जानबूझ के न की हो बल्कि उससे हो गई हो तो उसमें चिल्लाने की या उस व्यक्ति से लड़ने की कोई बात नहीं है कितनी बार तो आपस में लड़ाई हो जाती है ! हर व्यक्ति के साथ ऐसा उसके जीवन में हुआ होगा की किसी दूसरे पर चिल्लाने, मारपीट करने के बाद ये मन में विचार आया हो की अरे इसमें इतना बोलने की जरुरत नहीं थी या हाथ उठाने की भी आवश्यकता नहीं थी  गलती हो गई थी उससे उसने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया था फिर पछताने से कुछ नहीं होता जो कुछ होना होता है वो हम गुस्से में करदेते हैं और फिर बाद में पछताते हैं !

हमें उस घटना को समझना होना उसको जानना होगा की वो किसी के द्वारा गलती से हो गया है या फिर उसने जानबूझ के उसको किया है उसी के अनुसार हमें अपना बर्ताव रखना चाहिए ये नहीं की कुछ भी हुआ तो सीधा लड़ने लग जाएं मारपीट पे उतर जाएँ ! मान लीजिये की हम अगर किसी होटल या भोजनालय में हैं और परोसते समय वहाँ के किसी कर्मचारी के द्वारा हमारे ऊपर कुछ गिर जाता है तो क्या हमें उसे मारना चाहिए उसपे चिल्लाना चाहिए और उसपर आरोप लगाना चाहिए की नहीं तूने मेरे कपडे गंदे कर दिये...... बिल्कुल नहीं हमें हल्की सी मुस्कान के साथ उसको कहना चाहिए की कोई बात नहीं हो जाता है ऐसा कभी - कभी, क्योंकि वो कर्मचारी तो खुद ही डरा होगा की उससे ये गलती हो गई है और उसके साथ ऐसा व्यवहार करके हम उसको भी बहुत ख़ुशी देंगे और हम भी आन्दित रहेंगे ! लेकिन यहीं अगर कोई पति अपनी पत्नी को हमेशा नीचा दिखता है लोगों के सामने उसको बेइज्जत करता है तो ये वो जानबूझ के कर रहा है इसमें उसको कहना पड़ेगा उसको बताना  पड़ेगा की ये गलत  हैं और भले ही पत्नी को उसको डांटना पड़े या चिल्लाना आये या फिर वो अपने पति से बात न करे उसको समझाना पड़ेगा की उसके पति ने जी कुछ किया वो सतप्रतिशत गलत है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की पत्नी भी लोगों के सामने चिल्लाए और अपने पति पर डांटने लगे या उसके साथ मारपीट करने लगे  !!

तो कुछ भी निर्णय लेने से पहले हमें ये समझना पड़ेगा की गलती जानबूझ के दूसरे के द्वारा की गई है या गलती से हो गई है, तभी कोई गतिविधि करनी चाहिए !!












सोमवार, 29 जून 2020

ऐसे लोगों से तो दूर हो ही जाएं













सच ही कहा गया है कि संगति से गुण आते है और संगति से ही गुण जाते है ! हमारे साथ कौन - कौन लोग रह रहें  हैं इसका  जिंदगी पर बहुत प्रभाव पड़ता है कि हमारी संगति कैसी है क्यूंकि हमारे आस - पास कैसे लोग हैं  किनके साथ हमारा उठना - बैठना है इसका हमारी जिंदगी पर सीधा असर करता है ! तो बहुत ही महत्व रखता है किसी का व्यवहार ,  उसके बोलने का तरीका, उसका सम्पूर्ण व्यक्तित्व हमारे व्यक्तित्व को बनता है!!

चोरी करना, या जो किसी को क्षति पहुंचाता है, जो कानून द्वारा दंडनीय अपराध करता है या जिनका चरित्र ख़राब होता है ऐसे लोगों के साथ तो रहना बिलकुल ही नहीं चाहिए परन्तु कुछ ऐसे भी लोग हैं जिनकी संगति हमारे लिए सही नहीं है तो जानते हैं की ऐसे कौन -कौन लोग  हैं जिनका साथ हमें नहीं  देना चाहिए  और ना ही ऐसे लोगों के साथ रहना चाहिए  :-

झूठे लोगों के साथ कभी नहीं  रहना चाहिए और ना ही उनका कभी साथ देना चाहिए जो झूठे होते हैं वो अपने फायदे के लिए या अपने बचाव में कभी भी कहीं पर भी झूट बोल सकते हैं फिर वो आदत हमें भी लग जाती है और वो किसी के भी सामने हमें ही झूठा बना सकते हैं  तो ऐसे लोगों से दूर ही रहना चाहिए !

जो लोग हमारी बहुत तारीफ करते हैं जो एक तरीके से देखा जाए तो चापलूस की तरह करे उनसे तो बिलकुल ही दूर रहना चाहिए क्यूंकि वो तो सच बोलेंगे नहीं हम कुछ भी करें चाहे हम गलत ही बात क्यों ना करें तो ऐसे लोगों से तो दुरी बना ही लेनी चाहिए ऐसे लोगों को कोई भी पसंद नहीं करता और धीरे - धीरे हम भी उनकी तरह बात करने लग जाते हैं !

लालची लोगों से हमेशा दुरी बनाए रखना चाहिए ये तो किसी के भी नहीं होते हैं बस अपना उल्लू सीधा करने आता है इनको कब आपको नुकसान करेंगे कोई नहीं बता सकता कब आपको छोड़ के किसी दूसरे लोगों में मिल जाएं ऐसे लोग बहुत  खतरनाक होते हैं कभी किसी के नहीं होते !

जो पीठ पीछे किसी दूसरे की बुराई आपसे करेंगे वो किसी दूसरे के सामने आपकी भी बुराई करने से नहीं चूकते ऐसे लोगों से कभी भी अपनी बातें नहीं बतानी चाहिए और नहीं इनके साथ रहना चाहिए !

बहुत बार सुना होगा की लोग कहते हैं की कमाने से क्या होगा सब तो यहीं छोड़के जाना है ऐसे लोगों को तो अपने साथ कभी आने ही नहीं देना  चाहिए खुद तो काम करते नहीं हैं बस बकवास करते रहते हैं और दूसरों को भी नहीं करने देते हमेशा  फालतू बातों में या फालतू चीज़ों में खुद को उलझाए रखते   हैं और दूसरों का भी समय बर्बाद करते हैं फिर इसकी संगती में हम भी इनकी तरह होने लगते  हैं !


Be Someone's Santa!

  🎄 Tomorrow is Christmas – Be Someone's Santa! 🎅 Christmas isn’t just about gifts, lights, or celebrations with loved ones. It’s abo...