I want to share my thought and experience and need viewers opinion also . In this blog I write about health, relationship, motivational thought, some short poems and stories.
रविवार, 7 फ़रवरी 2021
जिंदगी की सच्ची बातें, jivan ki sacchi baten
शनिवार, 2 जनवरी 2021
मानसिक तनाव से कैसे बचें , Depression se kaise bache
मानसिक तनाव से कैसे बचें
तनाव
तनाव यानि अवसाद या depression ये किसी भी व्यक्ति के जिंदगी में बहुत बुरा प्रभाव डालता है, किसीभी कारन से ये हो सकता है, किसी बात को ज्यादा सोचने से, जिंदगी में किसी कमी से या जो हम चाहते हैं वो नहीं मिलने से लेकिन हमें इसको अपनी जिंदगी में बिलकुल भी हावी नहीं होने देना चाहिए कई बार तो व्यक्ति इसी तनाव के कारन डॉक्टर के चक्कर लगाता हे या फिर उससे बर्दास्त नहीं हो पाता तो खुदखुशी जैसे अपराध कर देता है !
आइये तो जानते हैं कैसे तनाव से दूर रह सकते हैं
1 ) बहुत महत्वपूर्ण होता है की आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हों इसके लिए ध्यान करे , व्यायाम करे, शांत वातावरण और प्रकृति में टहला करें !
2 ) सच कहा गया है की जैसा अन्न होगा वैसा ही मन होगा इसलिए ज्यादा से ज्यादा तामसिक भोजन से दूर रहे उनका काम सेवन करें !
3 ) परिवार, दोस्तों, और रिश्तेदारों के साथ अच्छे से वक्त बिताएं ...... ये सच है की तनाव के समय किसी से मिलने का या बात करने का मन नहीं करता, लेकिन इससे आप तनाव मुक्त हो सकते हैं ! सबसे अच्छा रहेगा की आप छोटे बच्चे के साथ कुछ समय अपना व्यतीत करें अच्छा महसूस करेंगे !
4 ) यूट्यूब पर अच्छी वीडियो देख सकते हैं बहुत ही अच्छा प्रभाव पड़ेगा यदि अच्छी किताबें पढ़ना शुरू कर देंगे !
5 ) खुद को व्यस्त और रखिये सामाजिक कार्यों में शामिल करें दूसरों की मदद करे इससे काफी ख़ुशी होगी और आप व्यस्त भी रहेंगे !
6 ) थोड़ी - थोड़ी धुप भी लेनी चाहिए, जिससे मस्तिष्क शांत होगा और तनाव भी दूर रहेगा और विटामिन डी तो मिलेगा ही !
7 ) नकारात्मक लोगों से, नकारात्मक सोच से , नकारात्मक किसी भी चीज़ से खुद को दूर रखिये .... खुद से प्रेम करें अपनी उपलब्धियों को याद करें ! सकारात्मक सोच रखिये !
8 ) आपको पता होना चाहिए की आप अपने लिए और अपनों के लिए कितने महत्त्वपूर्ण हैं, अपनी योजनाएं बनाएं और शुरू हो जाइये उनपे काम करने के लिए !
9 ) अपनी किसी भी चीज़ की लिखे रूचि बनाइये और उनको जरूर कीजिये, ताकि आपको आनंद मिले !
10 ) भरपूर नींद लें .... तनाव के समय कम से कम 8 - 10 घंटे की तो नींद लीजिये ही जससे मन शांत होगा, दिमाग को आराम मिलेगा... छोटे - छोटे तनावों के लिए नींद बेहतरीन इलाज है !
11 ) क्रोध और गुस्से से दूर रहें !
खुद पे विश्वास रखें और ऊपर लिखित बातों का अनुसरण करके धीरे - धीरे तनाव से दूर होने लगेंगे और खुशहाल जीवन व्यतीत करेंगे !
शनिवार, 26 दिसंबर 2020
confidence को कैसे बढ़ाएं, आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाएं
आत्मविश्वास को कैसे बढ़ाएं
शनिवार, 19 दिसंबर 2020
Khush kaise rahe ! खुश कैसे रहे
Khush kaise rahe
हम सभी अपनी जिंदगी जीते हैं, अपने सारे काम करते हैं सारी जिम्मेदारियां निभाते हैं, लेकिन सबसे महत्तवपूर्ण यह है की हम खुश कितने हैं, जिम्मेदारियों और अपने काम को खुश होकर कर रहे हैं या सिर्फ अपनी जिंदगी जीने के लिए !
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| Khush kaise rahe ! खुश कैसे रहे |
जिंदगी में खुश कैसे रह सकते हैं :-
रविवार, 23 अगस्त 2020
जो ठान लो वो पा लो
लेकिन इसके लिए हमें खुद पे काम करना होगा खुद सीखना होगा अपनी सीखनी की आदत को बढ़ाना होगा अगर किसी काम को करने के लिए हमें दिक्क्तें आ रही है तो स्किल को बढ़ाना होगा और मन में ढृढ़ निश्चय करना होगा की इस काम को पूरा करना है, ये नहीं की असफलताओं और मेहनत के डर से उस काम को छोड़ दें सफलता पाने के लिए पहले असफल होना पड़ेगा ये नहीं की उस काम को बीच में ही छोड़ दें, हमें सफलता तभी मिलेगी जब हम उस काम में असफल होंगे गलती करेंगे और अपनी उन गलतियों से सीखेंगे अनुभव लेंगे तभी मिलेगी सफलता, जो ठान लो वो कर लो चाहे कितनी भी दिकत्तों का सामना करना पड़े और उस काम को करते रहो करते रहो जब तक उसमें सफलता न मिले !!
रविवार, 12 जुलाई 2020
हर बात पर गुस्सा ना हों
क्यों हम या कोई और किसी भी बात पर टिप्पणी देने लगते हैं , बातों और चीज़ों को बिना सोचे समझे दूसरे पर चिल्लाने लगते हैं उनसे लड़ने लगते हैं एक पल के लिए ये भी नहीं सोचते की मुद्दा क्या है क्या बात इतनी बड़ी है की इस स्तर तक लड़ाई हो या नहीं ! कितनी बार तो ऐसा होता है की बात बहुत छोटी होती है और उस पर हम लड़ने लग जाते हैं भले ही सामने वाली की उसमें कोई गलती ना हो उसने वो गलती जानबूझ के न की हो बल्कि उससे हो गई हो तो उसमें चिल्लाने की या उस व्यक्ति से लड़ने की कोई बात नहीं है कितनी बार तो आपस में लड़ाई हो जाती है ! हर व्यक्ति के साथ ऐसा उसके जीवन में हुआ होगा की किसी दूसरे पर चिल्लाने, मारपीट करने के बाद ये मन में विचार आया हो की अरे इसमें इतना बोलने की जरुरत नहीं थी या हाथ उठाने की भी आवश्यकता नहीं थी गलती हो गई थी उससे उसने जानबूझ कर ऐसा नहीं किया था फिर पछताने से कुछ नहीं होता जो कुछ होना होता है वो हम गुस्से में करदेते हैं और फिर बाद में पछताते हैं !
हमें उस घटना को समझना होना उसको जानना होगा की वो किसी के द्वारा गलती से हो गया है या फिर उसने जानबूझ के उसको किया है उसी के अनुसार हमें अपना बर्ताव रखना चाहिए ये नहीं की कुछ भी हुआ तो सीधा लड़ने लग जाएं मारपीट पे उतर जाएँ ! मान लीजिये की हम अगर किसी होटल या भोजनालय में हैं और परोसते समय वहाँ के किसी कर्मचारी के द्वारा हमारे ऊपर कुछ गिर जाता है तो क्या हमें उसे मारना चाहिए उसपे चिल्लाना चाहिए और उसपर आरोप लगाना चाहिए की नहीं तूने मेरे कपडे गंदे कर दिये...... बिल्कुल नहीं हमें हल्की सी मुस्कान के साथ उसको कहना चाहिए की कोई बात नहीं हो जाता है ऐसा कभी - कभी, क्योंकि वो कर्मचारी तो खुद ही डरा होगा की उससे ये गलती हो गई है और उसके साथ ऐसा व्यवहार करके हम उसको भी बहुत ख़ुशी देंगे और हम भी आन्दित रहेंगे ! लेकिन यहीं अगर कोई पति अपनी पत्नी को हमेशा नीचा दिखता है लोगों के सामने उसको बेइज्जत करता है तो ये वो जानबूझ के कर रहा है इसमें उसको कहना पड़ेगा उसको बताना पड़ेगा की ये गलत हैं और भले ही पत्नी को उसको डांटना पड़े या चिल्लाना आये या फिर वो अपने पति से बात न करे उसको समझाना पड़ेगा की उसके पति ने जी कुछ किया वो सतप्रतिशत गलत है लेकिन इसका मतलब ये नहीं की पत्नी भी लोगों के सामने चिल्लाए और अपने पति पर डांटने लगे या उसके साथ मारपीट करने लगे !!
तो कुछ भी निर्णय लेने से पहले हमें ये समझना पड़ेगा की गलती जानबूझ के दूसरे के द्वारा की गई है या गलती से हो गई है, तभी कोई गतिविधि करनी चाहिए !!
सोमवार, 29 जून 2020
ऐसे लोगों से तो दूर हो ही जाएं
जो लोग हमारी बहुत तारीफ करते हैं जो एक तरीके से देखा जाए तो चापलूस की तरह करे उनसे तो बिलकुल ही दूर रहना चाहिए क्यूंकि वो तो सच बोलेंगे नहीं हम कुछ भी करें चाहे हम गलत ही बात क्यों ना करें तो ऐसे लोगों से तो दुरी बना ही लेनी चाहिए ऐसे लोगों को कोई भी पसंद नहीं करता और धीरे - धीरे हम भी उनकी तरह बात करने लग जाते हैं !
लालची लोगों से हमेशा दुरी बनाए रखना चाहिए ये तो किसी के भी नहीं होते हैं बस अपना उल्लू सीधा करने आता है इनको कब आपको नुकसान करेंगे कोई नहीं बता सकता कब आपको छोड़ के किसी दूसरे लोगों में मिल जाएं ऐसे लोग बहुत खतरनाक होते हैं कभी किसी के नहीं होते !
जो पीठ पीछे किसी दूसरे की बुराई आपसे करेंगे वो किसी दूसरे के सामने आपकी भी बुराई करने से नहीं चूकते ऐसे लोगों से कभी भी अपनी बातें नहीं बतानी चाहिए और नहीं इनके साथ रहना चाहिए !
बहुत बार सुना होगा की लोग कहते हैं की कमाने से क्या होगा सब तो यहीं छोड़के जाना है ऐसे लोगों को तो अपने साथ कभी आने ही नहीं देना चाहिए खुद तो काम करते नहीं हैं बस बकवास करते रहते हैं और दूसरों को भी नहीं करने देते हमेशा फालतू बातों में या फालतू चीज़ों में खुद को उलझाए रखते हैं और दूसरों का भी समय बर्बाद करते हैं फिर इसकी संगती में हम भी इनकी तरह होने लगते हैं !
गुरुवार, 11 जून 2020
खुद को Challenge देना सीखें
कितनी बार हम खुद को कहते हैं कल से ये काम शुरू करेंगे , कल आ जाता है याद रहता है हमें की हमने खुद से क्या कहा था लेकिन हम खुदको फिर मना लेते हैं कि कोई बात नहीं परसों कर लेंगे और फिर वो कल परसो कभी आता ही नहीं है क्योंकि हम उनको अनदेखा कर देते हैं हमारी छोटी छोटी आदतों को भी हम नहीं बदल पाते क्यूंकि हम आलस कर जाते हैं और धीरे - धीरे यही हमारी आदत बन जाता है !
ज्यादातर लोग कहते हैं की यार कल से Exercise शुरू करेंगे, कल से जल्दी उठेंगे, कल वहां जाएंगे, कल बैंक का काम ख़तम कर लेंगे, कल लिख लेंगे , ये chapter कल से पढ़ेंगे, वगैहरा लेकिन कल कभी नहीं आता कोई बात नहीं फिर हम खुद ही खुद को समझा देते हैं अरे ये तो नहीं हो पाया गर्मी ज्यादा थी, नींद नहीं खुली , रात देर सोया था, मन नहीं कर रहा था कोई बात नहीं अगले दिन कर लेंगे लेकिन वो अगला दिन कभी आता ही नहीं है ! लगता है की यार अब तो करना ही पडेगा तभी करते हैं !
सोमवार, 8 जून 2020
खुद के लिए जीना सीखो
रविवार, 31 मई 2020
खुद को महत्त्व कैसे दें
अगर कभी कोई आपको महत्त्व ना दे तो क्या करें .........
कितनी बार ये बातें हमारे मन में चलती रहती है कि मैं इसको जितना महत्त्व अपनी जिंदगी में दे रहा हुँ मुझे उतना क्यों नहीं मिल रहा उससे यही सोच - सोच कर परेशान रहते है , मन में नकारात्मक विचार आते रहते है , और कहीं भी मन नहीं लगता है हमारा..... लेकिन ऐसा क्यों .....क्यों हमारी ख़ुशी और गम दूसरों की मोहताज है , क्यों अपनी ख़ुशी या गम के लिए हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं ..... हमारी ख़ुशी हमारी अपनी है और हमारे भीतर के सारे भाव हमारे अपने है इसके लिए दूसरों पर निर्भर करना छोड़ना पड़ेगा, हमें कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए अगर कोई हमें महत्व नहीं दे। कभी नहीं सोचना चाहिए में तो इसके लिए इतना करता हुँ क्यों नहीं करता जब मैं उसको इतना महत्व देता हुँ तो वो क्यों नहीं देता छोड़नी पड़ेगी ऐसी सोच को .......
...... सबसे पहले हमें खुद को बेचारा बनाना छोड़ना होगा कौन हमें महत्त्व दे रहा हे और कौन नहीं दे रहा इससे ज्यादा फर्क पड़ता है की हम खुद की कितनी इज्जत करते हैं हम खुद को कितना महत्त्व देते हैं क्यूंकि जबतक हम खुद की इज्जत नहीं करेंगें खुद को महत्त्व नहीं देंगे तबतक कोई दूसरा हमें महत्तव नहीं देगा ! अकेले बैठे रहने से खुद को परेशान करने से कुछ नहीं होने वाला ....... सबसे पहले खुद पे काम करना होगा सोचना पड़ेगा की खुद में कैसे प्रगति करे , कैसे अपने ज्ञान को बढ़ाए , अपने व्यक्तित्व में बदलाव लाएं , अपने अंदर आत्मविश्वास लाना होगा की अगर किसी काम को कोई और कर सकता है तो मैं भी कर सकता हुँ। ..हमें अपनी क़ाबलियत बढ़ानी होगी। .... अंदर की जज्बे को जगाना होगा की किसी के चाहने या न चाहने से कुछ नहीं होगा जबतक की में खुद नहीं चाहुँ हमारे अंदर क्या है खुद पे काम करना होगा वैसा बनना होगा। ...... कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए की कोई दूसरा हमारे लिए क्या सोचता है !
खुद के लिए हम जैसा सोचते हैं वैसा ही लोग हमारे लिए सोचते हैं और सच में हर कोई हमारे बारे में अच्छा नहीं सोच सकता हर कोई हमें महत्व नहीं दे सकता। ..... लेकिन अगर हमें किसी खास से महत्व भी चाहिए तो किसी से गिडगिडाने में कुछ नहीं मिलता सिर्फ भीख ही मिलती है ! इसलिए खुद को दें अपनी जिंदगी में महत्व क्यूंकि आपकी अपनी जिंदगी में सबसे ज्यादा महत्व आप रखते हैं अपने लिए !!
ऐ मुसाफिर क्यों किसी और के महत्व के लिए इतना तरसता है ,
जबकि तु महत्त्व है , तु खुद में पूर्ण है अपने लिए !!
जो चाहेगा वही बनेगा अपनी जिंदगी में ,
जब तू स्वयं अपने महत्व को समझ पाएगा !!
Be Someone's Santa!
🎄 Tomorrow is Christmas – Be Someone's Santa! 🎅 Christmas isn’t just about gifts, lights, or celebrations with loved ones. It’s abo...
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अगर कभी कोई आपको महत्त्व ना दे तो क्या करें ......... कितनी बार ये बातें हमारे मन में चलती रहती है कि मैं इसको जितना महत्त्व अपनी...
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हमारे अपने रिश्ते क्या जो रिश्ते खून के होते है …….. क्या बस वही अपने होते हैं कई बार ऐसा सुना है लोगों से उनके साथ ...
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आत्मविश्वास कैसे बढ़ाएं जिस व्यक्ति के अंदर खुद को लेकर आत्मविश्वास नहीं होता यानि को खुद पर भरोसा नहीं होता वो अपने जीवन काल में ज्यादा कु...










